Divyakriti Singh Success Story: हार को जीत में तब्दील करने वाली दिव्यकृति सिंह ने रच डाला इतिहास,

Divyakriti Singh Success Story

Divyakriti Singh Success Story: हमारे देश में कई सारे प्रसिद्ध खेल है लेकिन सबसे ज्यादा लोकप्रियता क्रिकेट की है। लेकिन आपको बता दें कि क्रिकेट के अलावा कई सारे ऐसे खेल हैं जिसमें हमारे खिलाड़ियों ने हमारे देश का नाम रौशन किया है। इन्हीं खिलाड़ियों में से एक है राजस्थान की घुड़सवार दिव्यकृति सिंह, जिन्होंने अपने प्रदर्शन से खुद का और देश का नाम को और ऊंचा किया है। राजस्थान की घुड़सवार दिव्यकृति सिंह तीन बार नेशनल चैंपियन रह चुकी है।

इसके साथ ही देश के सर्वोच्च खेल पुरस्कारों की घोषणा के साथ ही दिव्यकृति सिंह ने इतिहास रच दिया है। आपको बता दें कि दिव्यकृति सिंह को अर्जुन अवार्ड से सम्मानित किया जाएगा, जिससे दिव्यकृति सिंह अर्जुन अवार्ड पाने वाली पहली घुड़सवार बनेगी। आपको बता दे की देश के सर्वोच्च खेल पुरस्कारों की घोषणा कर दी गई है। नए साल के अवसर पर 9 जनवरी 2024 को राष्ट्रपति भवन में राष्ट्रीय पुरस्कारों से कई एथलीट को सम्मानित किया जाने वाला है।

खेल पुरस्कारों में सबसे बड़ा सम्मान खेल रत्न अवॉर्ड दिया जाने वाला है, जो बैडमिंटन की स्टार जोड़ी चिराग शेट्‌टी और सात्विकसाइराज रंकीरेड्‌डी को दिया जाएगा। इसके अलावा 26 एथलीट्स को अर्जुन अवार्ड से भी सम्मानित किया जाने वाला है, जिसमें पहली बार किसी महिला घुड़सवार का नाम शामिल हुआ है। अर्जुन अवार्ड के लिए पहली बार जिस महिला घुड़सवार का नाम शामिल हुआ है, वह है दिव्यकृति सिंह। तो आईए जानते हैं दिव्यकृति सिंह की इस मुकाम तक पहुंचने की कहानी।

दिव्यकृति सिंह कौन है?

दिव्यकृति सिंह राजस्थान के रहने वाली एक महिला घुड़सवार एथलीट है। इनका जन्म 22 अक्टूबर 1999 को जयपुर में हुआ था। इन्होंने अपनी स्कूलिक शिक्षा मौर्य कॉलेज गर्ल्स स्कूल अजमेर राजस्थान से ही पूरी की है। वही इन्होंने अपना ग्रेजुएशन जीएसएस एंड मैरी कॉलेज दिल्ली विश्वविद्यालय से की है।

Divyakriti Singh

इन्होंने अपने देश के लिए काफी गर्व का काम किया है। दिव्यकृति सिंह घूरसवारी में तीन बार की नेशनल चैंपियन है। इसके अलावा दिव्यकृति सिंह घुड़सवारी में 41 साल के लंबे वक्त के बाद ऐतिहासिक स्वर्ण पदक दिलाने वाली भारतीय घुड़सवारी ड्रेस टीम की एक मुख्य सदस्य है।

भारतीय घुड़सवारी ड्रेसेज टीम की सदस्य।

आपको बता दें कि चीन के हांग्जो में हुई एशियाई खेलों में गोल्ड मेडल जीतने वाली ड्रेस टीम की भी हिस्सा है। दिव्यकृति सिंह ने अपने शानदार प्रदर्शन से देश को घुड़सवारी में 21 साल के लंबे इंतजार के बाद ऐतिहासिक स्वर्ण पदक दिलाने में काफी मदद की है। इसके लिए दिव्यकृति सिंह को सम्मानित किया जाने का भी निर्णय लिया गया है।

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दिव्यकृति सिंह का हालिया प्रदर्शन।

दिव्यकृति सिंह एक काफी अच्छी महिला घुड़सवार है जो अपना नाम पूरे विश्व भर में फैला रही है। यह तीन बार की नेशनल चैंपियन रह चुकी है। पिछले महीने सऊदी अरब के रियाद में हुए अंतरराष्ट्रीय ड्रेसाज प्रतियोगिता में इन्होंने बेहतरीन प्रदर्शन किया है।

इस प्रदर्शन से इन्होंने अपने लिए एक व्यक्तिगत सिल्वर और दो ब्राउन पदक हासिल किए हैं। इसके अलावा घुड़सवारी खेल में दिव्यकृति सिंह की विश्व रैंकिंग काफी बेहतर है। इंटरनेशनल इक्वेरिट्रेन फेडरेशन के द्वारा जारी किया गया ग्लोबल ड्रेसाज रैंकिंग में उन्हें एशिया में पहले पायदान पर रखा गया है और वह विश्व में 14वें स्थान पर हैं।

अर्जुन अवार्ड पाने वाली पहली घुड़सवार बनी।

खेल पुरस्कारों की घोषणा कर दी गई है जिसमें खेल रत्न और 26 अर्जुन अवार्ड से एथलीट्स को नवाजा जाएगा। भारत देश के लिए गोल्ड लाने वाली दिव्यकृति सिंह का भी अर्जुन अवार्ड में नाम शामिल है जिससे अर्जुन अवार्ड पाने वाली यह पहली महिला घुड़सवार बनी है। इनकी ड्रेसाज टीम के इनके साथ अनुष अग्रवाल, हृदय छेड़ा, सुदीप्ति हजेला का भी नाम शामिल है। अगले साल 9 जनवरी को होने वाले इस खेल पुरस्कारों में बैडमिंटन के स्टार जोड़ी को खेल रत्न से सम्मानित किया जाने वाला है। वहीं इसी दिन दिव्यकृति सिंह को अर्जुन अवार्ड दिया जाएगा।

Divyakriti Singh arjun award

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टूटने के बाद फिर से किया वापसी।

मौजूद समय में दिव्यकृति सिंह पिछले तीन सालों से जर्मनी में घूरसवारी की ट्रेनिंग ले रही है और इसकी बारीकियां को और भी अच्छे से समझ रही हैं। लेकिन एक समय ऐसा आया था जब यह पूरी तरीके से टूट गई थी। साल 2022 के हुए एशियाई गेम्स में इनका चयन नहीं हो पाया था जिसके बाद इन्हें काफी दुख हुआ था और यह मानसिक रूप से टूट गई थी। लेकिन इसके बाद इन्होंने बेहतरीन कमबैक किया और देश के लिए सबसे पहले गोल्ड मेडल जीता और अब इन्हें अर्जुन अवार्ड से भी सम्मानित किया जाएगा।

दिव्यकृति सिंह को विरासत में मिला घुड़सवारी।

दिव्यकृति सिंह एक बेहतरीन और शानदार घुड़सवार है। इन्हें यह खेल अपने विरासत में मिला है। इन्हें सबसे पहले घुड़सवारी किसी अपने परिवार से ही मिली थी। आपको बता दें कि दिव्यकृति के पिता विक्रम सिंह राठौड़ भी इसी खेल से संबंध रखते हैं और इनका इसमें अच्छा पहचान है। इनके पिता विक्रम सिंह राठौड़ राजस्थान पोलो संघ से जुड़े हुए हैं। इन्होंने अपने परिवार से ही सीख और समझ कर अपने सपनों को पूरा किया है और देश का भी नाम रोशन किया है।

निष्कर्ष हेलो प्रिय दोस्तों उम्मीद है कि आप सभी लोगों को इस लेख से बहुत मदद मिली होगी और एक अच्छी जानकारी आप सभी लोगों को प्राप्त हुई होगी अगर आप सभी लोगों को यह लेख पसंद आया हूं तो आप सभी लोग इस लेख को ज्यादा से ज्यादा अपने दोस्तों और रिश्तेदारों में शेयर करें ताकि उनको भी एक अच्छी जानकारी प्राप्त हो अगर आपका कोई सवाल है इस लेख से संबंधित तो इनबॉक्स में कमेंट करें हम आपके सवाल का जवाब देने का प्रयास करेंगे

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