आठवीं पास प्रेमिलाने पति की मौत के बाद फिर उठाई किताबे ओर अपनी महेनत से बन गई सरकारी अफसर , जानिए Premila Kanwar की सफलता कि कहानी

Premila Kanwar Success Story

Premila Kanwar Success Story: लोग अपनी जिंदगी में कई सारे मुसीबतों से गुजरते हैं लेकिन सबसे ज्यादा दुख उस वक्त होता है जब कोई अपना खो देता है। अपनों को खो देने के बाद अक्सर बहुत से लोग टूट जाते हैं और गम में ही रहा करते हैं।

इस वक्त कुछ भी नया करने का कोई मन नहीं करता बस लोग अपनी जिंदगी जैसे तैसे कट रहे होते हैं। लेकिन इन सब के विपक्षी एक ऐसी महिला है जिन्होंने इन सब गमों को एक साथ लेकर कुछ कर दिखाया है।

हम बात कर रहे हैं प्रेमिला कंवर की जिन्होंने इस मामले में सबसे अलग कर दिखाया है और उनकी कहानी बहुत से लोगों को प्रेरित करती है। प्रेमिला कंवर ने अपने पति को काफी जल्द ही खो दिया था। इसके बाद इन्होंने कलम उठाया और अपने दोनों बच्चों के परवरिश के साथ खुद पर मेहनत की जिससे वे वनरक्षक पद पर मौजूद है। तो आइये इस लेख के द्वारा हम प्रेमिला कंवर की सफलता की कहानी अच्छे से जानते हैं।

प्रेमिला कंवर के साथ हुआ दर्दनाक हादसा।

प्रेमिला कंवर राजस्थान के डूंगरपुर के फतेहगढ़ पचलासा छोटा के निवासी हैं। प्रेमिला कंवर की शादी 30 नवंबर 2022 को शंभू सिंह राठौर के साथ हुई थी। शादी के बाद इन दोनों की जिंदगी काफी अच्छी चल रही थी।

दोनों का एक पुत्र और पुत्री भी है जिनका नाम लक्ष्यराज सिंह और प्रीति है। लेकिन बेटे के जन्म के ढेर साल बाद यानी 5 अप्रैल 2018 को शंभू सिंह राठौर की सड़क हादसे में मृत्यु हो गई। इससे प्रेमिला कंवर को काफी ज्यादा सदमा लगा था। लेकिन इन सब के बावजूद इन्होंने एक बार फिर से खुद के दम पर खड़ा होने का निर्णय लिया।

पति के मौत के बाद किया मेहनत।

प्रेमिला कंवर के पति शंभू सिंह राठौर की सड़क दुर्घटना में मृत्यु हो जाने के बाद इन्होंने फिर से किताब उठाने का निर्णय बनाया। इसके साथ-साथ इन्होंने अपने दोनों बच्चों का पालन पोषण भी किया और साथ ही सास ससुर की भी सेवा की। शुरुआत में प्रेमिला कंवर आठवीं पास ही थी, लेकिन पति के मौत के बाद इन्होंने कोटा ओपन से 10वीं और 12वीं तक की पढ़ाई पूरी की।

घर वालों के द्वारा मिला पूरा सपोर्ट।

अपनी 12वीं तक की पढ़ाई पूरी करने के बाद प्रेमिला कंवर दिन में चूल्हा चौका, खेती बाड़ी, बच्चों की परिवार के साथ-साथ रात में कंपटीशन परीक्षाओं की तैयारी किया करती थी। इस दौरान प्रेमिला कंवर को उनके घर के परिजनों से खूब सपोर्ट मिला। इन सभी के मेहनत और परिश्रम का फल यह रहा की प्रेमिला ने राजस्थान वनरक्षक भर्ती को पास कर लिया। मौजूद समय में प्रेमिला कंवर वनरक्षक पद पर विराजित है।

अभी भी बहुत मेहनत कर रही है प्रेमिला कंवर।

अपने को खो देने के बाद बहुत से लोग टूट जाते हैं लेकिन प्रेमिला कंवर ने इसी को अपना हथियार बना लिया था। अपने मेहनत और परिश्रम से जीवन में सफल रही प्रेमिला कंवर अभी भी मेहनत करने में कम नहीं हुई है। वनरक्षक परीक्षा पास करके नौकरी पाकर आत्मनिर्भर होने के बाद भी, प्रेमिला कंवर इस एसटीसी की तैयारी कर रही है।

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इसी बीच एक इंटरव्यू के दौरान प्रेमिला के जेठ जसवंत सिंह राठौड़ ने यह बताया कि उनका पूरा परिवार खेती करता है और कृषि कार्य पर ही आधारित है। इन्होंने साथ ही यह भी बताया कि प्रेमिला कृषि कार्य के साथ-साथ घर का कामकाज निपटने के बाद रात में 5 घंटे लगातार पढ़ाई किया करती थी, और इसी मेहनत का फल इन्हें मिला है।

प्रेमिला के चयन से उनके परिवार में खुशियों का माहौल बना हुआ है। अगर आप भी मेहनत करने कदम रखते हैं तो कोई भी परिस्थिति में आप मेहनत करके सफल हो सकते हैं।

निष्कर्ष 

हेलो प्रिय दोस्तों उम्मीद है कि आप सभी लोगों को इस लेख से बहुत मदद मिली होगी और एक अच्छी जानकारी आप सभी लोगों को प्राप्त हुई होगी अगर आप सभी लोगों को यह लेख पसंद आया हूं तो आप सभी लोग इस लेख को ज्यादा से ज्यादा अपने दोस्तों और रिश्तेदारों में शेयर करें ताकि उनको भी एक अच्छी जानकारी प्राप्त हो अगर आपका कोई सवाल है इस लेख से संबंधित तो इनबॉक्स में कमेंट करें हम आपके सवाल का जवाब देने का प्रयास करेंगे

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