Succes Story of Ravi Modi: 10 हजार रुपेय उधार लेके शुरू किया था बिजनेस ,आज साउथ से लेके बॉलीवुड के बडे बड़े actors को देते है काम।

Succes Story of Ravi Modi

Succes Story of Ravi Modi: नमस्कार दोस्तों आज की इस पोस्ट में हम आपको एक ऐसे व्यक्ति के बारे में बताने भले है जिसने सिर्फ 10 हजार रुपए से ही करोड़ों की कंपनी बना डाली है आज के समय में वो व्यक्ति बहुत से लोगों के लिए प्रेरणा बन चुका है जो अपनी लाइफ में कुछ करना चाहते है यदि आप इस व्यक्ति के बार में जानना चाहते है तो इस पोस्ट को पूरा पढे क्योंकि इसमे हमने उस व्यक्ति के बारे में सारी जानकारी दी हुई है

10 हजार से बना दी करोड़ों की कंपनी

बिजनस में कहा जाता है की यदि तुम्हें अपनी लाइफ में सफल होना है तो रिस्क तो लेना पड़ता है जो अपनी लाइफ में रिस्क लेना जानते है तथा सच्ची लगन के साथ मेहनत करना जानते है
वो एक न एक दिन सफलता जरूर हासिल करते है ऐसी ही कहानी है कुछ रवि मोदी की जिन्होंने अपनी मेहनत के दम पर भारत के अमीर लोगों की लिस्ट में अपनी जगह बना ली है
आपको बता दे की रवि मोदी कोलकाता के रहने वाले है उन्होंने 10 हजार रुपए से एक कंपनी शुरू की थी जिसका नाम मान्‍यवर (Manyavar) है और आज के समय में यह कंपनी एक ब्रांड बन चुकी है इसकी वैल्यू करोड़ों में है आज के समय में इस कंपनी को भारतीय वेडिंग मार्केट के नाम से भी जाना जाता है यह कंपनी भारत में बहुत प्रसिद्ध हो चुकी है तो चलिए जानते है की कैसे रवि मोदी ने की थी इस कंपनी की शूरवात

रवि मोदी पढ़ाई में थे होशियार

रवि मोदी का जन्म कोलकाता के एक समान्य परिवार में हुआ था रवि अपने माता पिता के इकलौते बेटे है बचपन से ही रवि मोदी को पढ़ने लिखने का बहुत शोक था तथा वो पढ़ाई में बहुत होशियार भी थे रवि के पिता  कोलकाता के एक मार्केट में रिटेल स्टोर चलाया करते थे रवि भी अपने पिता की काम में मदद किया करते थे रवि छोटे कक्षा से ही परीक्षा में 100 में से 100 अंक लाया करते थे जिसकी खुशी में उनके घर वाले एक पार्टी रखते थे लेकिन जब बार बार रवि के 100 अंक आने लगे तो परिवार में माहौल समान्य रहने लगा रवि को समझ आ गया की एक जैसी
सफलता को कोई इन्जॉय नहीं करता इसलिए उन्होंने कुछ अलग करने का मन बना लिया

सेल्समैन की नौकरी

जैसा की हमने पहले बताया की रवि के पिता की कोलकाता में एक कपड़े की दुकान थी रवि अक्सर बचपन में अपने पिता के साथ कपड़े की दुकान में काम करवाया करते वो उस दुकान में एक सेल्स मैन के रूप में काम करते थे उन्होंने वहाँ पर 9 साल तक काम किया जिसके साथ साथ उन्होंने अपनी बी कॉम की पढ़ाई पूरी की।

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कारोबार शुरू करने के लिए माँ से लिए पैसे

रवि अपना खुद का एक कारोबार शुरू करना चाहते थे लेकिन उनकी अपने पिता के साथ अनबन हो गई जिसके कारण उन्होंने अपनी माँ से कारोबार शुरू करने के लिए पैसे मांगे उन्हे अपनी माँ से 10 हजार रुपए लेकर कपड़ों का काम शुरू किया जिसका नाम उन्होंने अपने बेटे वेदान्त के नाम पर रखा
रवि ने शूरवात में भारतीय ऐथनिक परिधान बनाने का काम किया जिन्हे वो कोलकाता से पश्चिम बंगाल के कई शहरों के साथ साथ उत्तर प्रदेश, ओडिशा, बिहार और मध्य प्रदेश में भी बेचा करते थे
उनके कपड़ों की क्वालिटी और डिजाइन बबूत बढ़िया होते थे जिसके कारण वो लोगों को बहुत पसंद आते थे जब रवि का बिजनस बढ़ने लगा तो उन्होंने इसे बिजनस को मान्यवर नाम दे दिया जिसके बाद उन्होंने बजाजरों के साथ बड़े बड़े मेगा मार्ट और पेंटालून जैसे स्टोर्स को भी target करना शुरू कर दिया उन्होंने अपना सबसे पहला स्टोर ओडिशा में खोला था और आज इनके 600 से भी ज्यादा स्टोर पूरे भारत में है

निष्कर्ष:

आशा करते है की आप सभी को हमारा यह आर्टिकल और इसमे दी गई रवि मोदी के बारे में जानकारी पसंद आई होगी तथा आपको रवि मोदी के जीवन से बहुत कुछ सीखने को मिला होगा यदि आप इस पोस्ट के बारे में हमसे कुछ पूछना चाहते है तो नीचे दिए गए कमेन्ट बॉक्स में पूछ सकते है
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FAQ

1.रवि मोदी ने मान्यवर की शूरवात कब की थी ?

उत्तर – मान्यवर की शूरवात रवि मोदी ने 1999 में की थी

2.मान्यवर की कुल संपती कितनी है ?

उत्तर – रवि मोदी की कंपनी मानवर की कुल संपती 32 हजार करोड़ रुपए से भी ज्यादा है

3.रवि मोदी कहाँ से है ?

उत्तर – रवि मोदी का जन्म कोलकाता के एक समान्य परिवार में हुआ था

4.भारत में मान्यवर के कितने स्टोर है ?

उत्तर – भारत में मान्यवर कंपनी के लगभग 600 से भी ज्यादा स्टोर है

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