upsc success stories: कोटा में रहकर करी upsc की तैयारी ओर ,अब कोटा के ही बने कलेक्टर , जानिए डॉ. रविंद्र गोस्वामी की सफलताकी कहानी।

upsc success stories
upsc success stories: नमस्कार दोस्तों आज हम इस पोस्ट में एक ऐसी सफलता की कहानी के बारे में बताने वाले है जो न सिर्फ प्रेरणा देती है बल्कि ऊर्जा का संचार भी करती है आज हम आपको कोटा के एक 12वीं कक्षा के मेडिकल स्टूडेंट के बारे में बताने वाले है जिसने पहले प्रयास में सफलता हासिल करने की कोशिश की लेकिन उसे असफलता हाथ लगी लेकिन उसने हार न मानकर लगातार कोशिश करके अपने जीवन में सफलता को हासिल कर ही लिया तो चलिए जानते है उसे स्टूडेंट के बारे में

सक्सेस स्टोरी ऑफ डॉ रविंद्र गोस्वामी

दोस्तों आज हम जिस व्यक्ति के बारे में बात करने वाले है उनका नाम है डॉ रविंद्र गोस्वामी जो की कोटा में मेडिकल की पढ़ाई करने के लिए आए थे और अब जिले में कलेक्टर के पद पर है उहोने अपनी मेहनत से यह मुकाम हासिल किया है

जैसा की हमने बताया डॉ रविंद्र गोस्वामी ने 12 वी कक्षा के लिए तैयारी की थ लेकिन उन्हे पहली बार में सफलता हासिल नहीं हुई जिसके बाद उन्हे घर निराश होकर जाना पद फिर दूसरी बार उन्होंने द्वारा से परीक्षा दी जिसमे वो सफल हुए और उनका दाखिला  जयपुर स्थित सरकारी मेडिकल कॉलेज में हो गया
लेकिन उनका सपना इससे भी बड़ा कुछ करने का था इसलिए उन्होंने UPSC की तैयारी करनी शुरू कर दी जिसमे उन्हे सफलता भी हासिल हुई और अब वो  प्रशासनिक अधिकारी बन चुके हैं

जीवन में संघर्ष

डॉ रविंद्र गोस्वामी के जीवन में काफी संघर्ष रहा है 2001 में सबसे फेले वो मेडिकल की पढ़ाई करने के लिए कोटा आए थे जहां उन्हे पहली बार में असफलता का सामना करना पड़ा जिसके बाद उन्होंने दूसरी बार कोशिश की जिसमे उन्हे सफलता मिली और उनका दाखिला सरकारी कॉलेज में हो गया जहां से उन्होंने एमबीबीएस की जिसके बाद किसी अस्पताल में नौकरी करने लगे लेकिन उनका सपना कुछ बड़ा करने का था इसलिए वो साथ साथ यूपीएससी की तैयारी भी करने लगे 2015 में उन्होंने यूपीएससी की परीक्षा दी जिसमे उन्होंने 152 रैंक हासिल की और अब वो कोटा में कलेक्टर के पद पर नियुक्त है

कैसे की थी तैयारी यूपीएससी की

डॉ रविंद्र गोस्वामी ने अपनी यूपीएससी की तैयारी के बारे में बताया है की वो उन स्टूडेंट्स में से आते है जिनको घर में रहकर खुद पढ़ाई करना पसंद होता है उन्होंने कहा की मुश्किल चीजों को किसी और से समझने की जगह वो खुद समझने का प्रयास करते थे हालांकि कुछ स्टूडेंट्स ऐसे होते है जिन्हे दूसरों की समझाने पर ही समझ आता है उन्होंने यह भी कहा की उनके लिए रविवार रेस्ट का दिन होता था उस दिन वो सर समय अपने परिवार के साथ बिताते तथा मूवी देखते थे वो बताते है की हर सप्तह निबंध लिखा उनका एक रूटीन बन चुका था वो इसे अपने दोस्तों के साथ क्रॉस चेक भी किया करते थे।

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स्टूडेंट्स को सलाह

स्टूडेंट्स को सलाह देते हुए डॉ रविंद्र गोस्वामी ने कहा की उन्हे कभी भी अपनी असफलता पर निराश नहीं होना चाहिए उनका कहना था की यदि आप असफल हुए है तो इसका मतलब यह नहीं है की अपने अच्छी पढ़ाई नहीं की हो सकता है की किसी और ने आपसे ज्यादा मेहनत की हो उसकी काबलियत आपसे ज्यादा हो इसलिए इस बात के लिए कभी भी निराश होने की जरूरत नहीं है यदि आप डीजर्व करते है तो आपको सफलता जरूर मिलेगी बस कोशिश करते रहे और कभी हार न माने इसके अलाव हमेशा एक बैक अप प्लान जरूर रखे

Conclusion

आशा करते है की आप सभी को हमारा यह आर्टिकल पसंद आया होगा इसमे दी गई कहानी से आपको बहुत सी प्रेरणा और सिख मिली होगी यदि आप इस पोस्ट के बारे में हमसे कुछ पूछना चाहते है तो नीचे दिए गए कमेन्ट बॉक्स में पूछ सकते है इसके अलावा ऐसे ही और पोस्ट पढ़ने के लिए हमे सोशल मीडिया पर जरूर फॉलो करें

FAQ

1.डॉ रविंद्र गोस्वामी ने की स्ट्रीम में पढ़ाई की है ?

उत्तर – डॉ रविंद्र गोस्वामी ने मेदिवल स्ट्रीम में पढ़ाई की है

2.डॉ रविंद्र गोस्वामी ने किस कॉलेज से पढ़ाई की है ?

उत्तर – डॉ रविंद्र गोस्वामी ने जयपुर के सरकारी कॉलेज से पढ़ाई की है

3.डॉ रविंद्र गोस्वामी की यूपीएससी में कितनी रैंक थी ?

उत्तर – डॉ रविंद्र गोस्वामी की यूपीएससी में 152 रैंक थी

4.डॉ रविंद्र गोस्वामी कौन से पद पर है ?

उत्तर – डॉ रविंद्र गोस्वामी कोटा में कलेक्टर के पद पर है

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