who is biplav: एक छोटी से झोपड़ी से आईआईटी बॉम्बे तक का सफर, एक प्रेरणा दायक कहानी विप्लव की

who is biplav

who is biplav: संयुक्त प्रवेश परीक्षा में पास होना कोई आसान काम नहीं है इसके लिए बहुत मेहनत और सच्ची लगन होनी चाहिए तभी जाकर इस परीक्षा में सफल हुआ जा सकता है।

आज हम आपको एक ऐसे ही व्यक्ति के बारे में बताने जा रहे है जो की इस बात का प्रमाण है की अगर कड़ी मेहनत और पूरे समर्पण के साथ कोई काम किया जाए तो हमे उसमे सफलता जरूर मिलती है । जिसकी हम बार कर रहे है , उस व्यक्ति का नाम विप्लव है जिसने अपने जीवन में की बढ़ाओ का सामना करने के बाद भी हर नहीं मानी और अपने सपनों को पूरा किया तो चलिए जानते है विप्लव के बारे में।

who is biplav ? । कोन है विप्लव ?

बंगाल के नादिया जिले के हरचन्द्रपुर नामक एक छोटे से गाँव से उठकर विप्लव ने JEE परीक्षा को पास किया है ,आपको बता दे की उन्होंने 11 वीं कक्षा तक JEE के बारे में कुछ भी नहीं सुना था लेकिन उनके एक टीचर ने इसके बारे में उन्हे बताया तो विप्लव ने इस परीक्षा को देने का मन बना लिया । हालांकि विप्लव के पास इस बारे में कोई ज्ञान नहीं था फिर भी ज्ञान की कमी होने के बाद भी उसने इस परीक्षा में सफल होने के लिए दृढ़ संकल्प कर लिया।

गाव वालोंने किया डिमोटीवेट

विप्लव मिट्टी के बने एक छोटे से घर में रहते थे जिसमे अच्छी छत भी नहीं थी , वहाँ बारिश होने के कारण उनके घर में पानी भर जाता था इसके अलावा उन्हे खेती में अपने घर वालों की मदद करनी पड़ती थी इन सब कामों के कारण उन्हे अपनी पढ़ाई पर ध्यान देने के लिए बहुत कम समय मिलता था इन सब कठिनाइओ के अलावा उनके परिवार के पास खाना बनाने के लिए गैस कनेक्शन भी नहीं था उनके आसपास जीतने भी लोग रहते थे उन सब ने उन्हे यह कहा की परीक्षा बहुत कठिन है और इसकी तैयारी के लिए बहुत सारे पैसों की जरूरत होती है उन सब लोगों ने विप्लव को स्टेट level colleges में जाने की सलाह दी लेकिन इन सब बातों से विप्लव को कोई फरक नहीं पढ़ा उन्होंने अपने सपनों को पूरा करने का संकल्प नहीं छोड़ा

पहेले अटेम्प्ट  में jee meins में मिली असफलता

उनके जीवन में बहुत सी बाधा थी उन्मे से एक बाधा ये थी की lockdown तक उनके पास कोई भी इंटरनेट कनेक्शन नहीं था लेकिन कुछ समय के बाद वो अपने घर में इंटरनेट कनेक्शन पाने में सफल हुए। विप्लव ने मन में ठान लिया था की उसे JEE की परीक्षा पास करनी है उसके इसी जनून ने उसे JEE के बारे में जानकारी खोजने के लिए प्रेरित किया जिसके चलते उन्हे पता चला की परीक्षा उत्तीर्ण करने के लिए सिर्फ 30-40% की जरूरत है उन्हे इस बात का एहसास हुआ की वो हमेशा गलत रहे है जिसके बाद उन्होंने 12 वीं की कक्षा में परीक्षा देने का फैसला किया भले ही वो उसे पास कर पाए या नहीं,  पहले अटेम्प्ट में ही विप्लव ने JEE परीक्षा में 82% अंक हासिल किए तथा उन्होंने JEE Advanced में भी बहुत शानदार प्रदर्शन किया लेकिन वो JEE फाइनल में अपनी जगह नहीं बना पाए।  तब उन्हे इस बात का एहसास हुआ की उन्हे परीक्षा पास करने के लिए एक उच्चित मार्गदर्शन तथा एक सहायता प्रणाली की जरूरत है जिसके लिए उन्होंने JEE, NEET और 8-10 कक्षा के लिए एक ऑनलाइन शिक्षण मंच esaral की खोज की।

दूसरे अटेम्प्ट में मिली सफलता मिला आईआईटी बॉम्बे

विप्लव को esaral में रियल लाइफ इग्ज़ैम्पल के साथ IITian faculties और मार्गदर्शन करने के लिए कुछ सलाहकार प्राप्त हुए जिसके चलते वो अपनी व्यक्तिगत और अध्ययन संबंधी समस्याओं को अपने टीचर के साथ शेयर करके अपनी गलतियों में सुधार कर सकते है , अपने टीचर की मदद से विप्लव ने JEE Advanced की परीक्षा के लिए अच्छी तरह से तैयारी कर ली और परीक्षा देने चला गया परीक्षा के दिन वो बहुत घबराया हुआ था लेकीज उसके भाई ने उसे प्रोत्साहन दिया और उसे अपना आत्मविश्वास पाने के लिए मदद की हालांकि अपने पहले पेपर में वो इतना अच्छा नहीं कर पाए थे जीतने उन्हे उम्मीद थी लेकिन उन्होंने इसके बावजूद भी दूसरे पेपर के लिए हिम्मत जुटाई और दूसरे पेपर में अच्छा प्रदर्शन किया जब रिजल्ट आया तो विप्लव को ये जान कर बहुत खुशी हुई की उसने एससी श्रेणी में All India rank 626 के साथ परीक्षा को उत्तीर्ण कर लिया है उसने All India rank में 626 स्थान को हासिल करके सफलता प्राप्त की जिसके चलते उनका दाखिला आईआईटी बॉम्बे में हो गया और उनका सपना पूरा हुआ उनके परिवार वालों के उनकी इस सफलता पर गर्व है।

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अपनी सफलता का सारा श्रेय विप्लव ने अपने पूरे परिवार और Esaral को दिया जहां से उन्हे कोटा के कुछ शीर्ष आईआईटियन संकायों से मार्गदर्शन प्राप्त हुआ था अपने सपने को पूरा करने के बाद वो अपने समुदाय में रहने वाले लोगों के लिए एक प्रेरणा बन गए तथा आने वाली पीढ़िया के लिए उन्होंने एक उदाहरण स्थापित किया इसके अलावा Esaral ने उन्हे आईआईटी में आगे कार्यकाल के दौरान किसी भी चुनौती का सामना करने के लिए पूरा समर्थन करने का भी वादा किया।

निष्कर्ष :

विप्लव की कहानी से हमे ये सिख मिलती है की यदि हम अपने मन में ठान ले तो अपने किसी भी सपने को हम पूरा कर सकते है विप्लव ने भी JEE परीक्षा को पास करना का संकल्प किया और जीवन में आने वाली कठिनाइओ से कभी हर नहीं मानी और आज अपनी मेहनत के दम पर उसने अपने सपने को पूरा किया।

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